{2019} Diwali Essay In English and Hindi

Diwali Essay In English and Hindi: On the occasion of Diwali this year you will be searching for the essay. Here I have a sample essay on Diwali in both English and Hindi which will be helpful to you.

Diwali Essay In English and Hindi

Diwali Essay In English


DIWALI – Festival of Lights
Diwali is a ‘Festival of Lights’. Before Diwali, we clean our houses, prepare various kinds of sweets and hang lanterns in our windows. During Diwali, we burn crackers, eat sweets and draw rangoli on our doorstep 
Diwali is one of the most important Indian festivals of light which is celebrated people all around the world with a lot of happiness & joy. This festival is mainly known because on this day Lord Rama returned excitedly to his home in Ayodhya after fourteen years.
Diwali or 'Deepavali’, as it is known as, is the festival of lights. It is celebrated all over India with great enthusiasm and joy. The celebration of Diwali finds its roots in the Hindu religion. On this day Lord Ram had returned to his kingdom Ayodhya after demolishing the demon Ravan. The people enlightened the whole city with diyas to welcome Lord Ram. It is thus a festival to mark the victory of good over the evil. Diwali falls on amavasya that is a 'no moon night' and people enlighten their houses to conquer the darkness. It is a five-day festival. 
The first day is called Dhanteras or Dhanvantari Trayodasi, when Lord Dhanvantari appeared, delivering Ayurvedic medicine for mankind. This day marks the beginning of Diwali celebrations. At sunset, devout Hindus bathe and offer oil lamps along with prasada (sanctified food) to Yamaraja, the Lord of Death, and pray for protection from untimely death. On this day people buy new utensils or anything in gold or silver. 
The second day is Choti Deepawali or Naraka Chaturdasi. On this day diyas are kept at any dark corner of the house to symbolize that no evil can enter the house in the lights. On this day Lord Krishna killed the demon Narakasura and liberated the 16,000 princesses the demon held captive. 
The third day is Deepawali -This is the actual day of Diwali, commonly known as the Hindu New Year. The faithful cleanse themselves and join with their families and priests to worship the goddess Lakshmi, consort of Lord Vishnu, to receive blessings of wealth, prosperity, the triumph of good over evil, light over darkness. This is also the day Lord Rama returned to Ayodhya, having successfully rescued Sita and defeated the demon Ravana. People decorate their homes with diyas, candles and decorative bulbs and lights. Laxmi Ganesh Pooja is performed and then people light up crackers and enjoy themselves. Sweets and rich food are also prepared at home to celebrate the festival. 
The fourth day is Govardhan pooja, on which the Govardhan pooja is performed to celebrate the great deed of Lord Krishna who lifted 'Govardhan Parbat' on a single finger and gave protection to the people from the heavy rains.Bali Maharaja was defeated on this day by Lord Krishna's dwarf brahmana incarnation, Vamanadeva. 
And the last day is Bhai dooj on which sisters put 'roli teeka' on their brother's forehead and pray for their wellbeing. 
Deepawali is thus a unique light festival filled with joys and happiness!

Diwali Essay In Hindi


दिवाली एक रोशनी का उत्सव

भारत एक ऐसा देश है जहाँ सबसे ज्यादा त्योहार मनाये जाते है, यहाँ विभिन्न धर्मों के लोग अपने-अपने उत्सव और पर्व को अपने परंपरा और संस्कृति के अनुसार मनाते है। दिवाली हिन्दू धर्म के लिये सबसे महत्वपूर्णं, पारंपरिक, और सांस्कृतिक त्योहार है जिसको सभी अपने परिवार, मित्र और पड़ोसियों के साथ पूरे उत्साह से मनाते है। दिपावली को रोशनी का त्योहार भी कहा जाता है।


दिवाली को रोशनी का त्योहार के रुप में जाना जाता है जो भरोसा और उन्नति लेकर आता है। हिन्दू, सिक्ख और जैन धर्म के लोगों के लिये इसके कई सारे प्रभाव और महत्ता है। ये पाँच दिनों का उत्सव है जो हर साल दशहरा के 21 दिनों बाद आता है। इसके पीछे कई सारी सांस्कृतिक आस्था है जो भगवान राम के 14 साल के वनवास के बाद अपने राज्य के आगमन पर मनाया जाता है। इस दिन अयोध्यावासीयों ने भगवान राम के आने पर आतिशबाजी और रोशनी से उनका स्वागत किया। 

रोशनी का उत्सव ‘दीपावली’ असल में दो शब्दों से मिलकर बना है- दीप+आवली। जिसका वास्तविक अर्थ है , दीपों की पंक्ति। वैसे तो दीपावली मनाने के पीछे कई सारी पौराणिक कथाएं कही जाती है लेकिन जो मुख्य रुप से प्रचलित मान्यता है वो है असुर राजा रावण पर विजय और भगवान राम का चौदह साल का वनवास काटकर अपने राज्य अयोध्या लौटना। इस दिन को हम बुराई पर अच्छाई की जीत के लिये भी जानते है। चार दिनों के इस पर्व का हर दिन किसी खास परंपरा और मान्यता से जुड़ा हुआ है जिसमें पहला दिन धनतेरस का होता है इसमें हमलोग सोने-चाँदी के आभूषण या बर्तन खरीदते है, दूसरे दिन छोटी दिपावली होती है जिसमें हमलोग शरीर के सारे रोग और बुराई मिटाने के लिये सरसों का उपटन लगाते है, तीसरे दिन मुख्य दिपावली होती है इस दिन लक्ष्मी-गणेश की पूजा की जाती है जिससे घर में सुख और संपत्ति का प्रवेश हो, चौथे दिन हिन्दू कैलेंडर के अनुसार नए साल का शुभारम्भ होता है और अंत में पाँचवां दिन भाई-बहन का होता है अर्थात् इस दिन को भैया दूज कहते है।

ये बेहद खुशी का पर्व है जो हर साल अक्टूबर या नवंबर के महीने में आता है। हर साल आने वाली दिवाली के पीछे भी कई कहानीयाँ है जिसके बारे में हमें अपने बच्चों को जरुर बताना चाहिये। दिवाली मनाने का एक बड़ा कारण भगवान राम का अपने राज्य अयोध्या लौटना भी है, जब उन्होंने लंका के असुर राजा रावण को हराया था। इसके इतिहास को हर साल बुराई पर अच्छाई के प्रतीक के रुप में याद किया जाता है। अपनी पत्नी सीता और छोटे भाई लक्ष्मण के साथ 14 साल का वनवास काट कर लौटे अयोध्या के महान राजा राम का अयोध्या वासीयों ने जोरदार स्वागत किया था। अयोध्या वासीयों ने अपने राजा के प्रति अपार स्नेह और लगाव को दिल से किये स्वागत के द्वारा प्रकट किया। उन्होंने अपने घर और पूरे राज्य को रोशनी से जगमगा दिया साथ ही राजा राम के स्वागत के लिये आतिशबाजी भी बजाए।

अपने भगवान को प्रसन्न करने के लिये लोगों ने लजीज पकवान बनाये, हर कोई एक दूसरे को बधाई दे रहा था, बच्चे भी खूब खुश थे और इधर-उधर घूमकर अपनी प्रसन्नता जाहिर कर रहे थे। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार सूरज डूबने के बाद लोग इसी दिन देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करते है। जहाँ एक ओर लोग ईश्वर की पूजा कर सुख, समृद्धि और अच्छे भविष्य की कामना करते है वहीं दूसरी ओर पाँच दिनों के इस पर्व पर सभी अपने घर में स्वादिष्ट भोजन और मिठाईयां भी बनाते है। इस दिन लोग पाशा, पत्ता आदि कई प्रकार के खेल भी खेलना पसंद करते है। इसको मनाने वाले अचछे क्रियाकलापों में भाग लेते है और बुराई पर अच्छाई की जीत के लिये गलत आदतों का त्याग करते हैं। इनका मानना है कि ऐसा करने से उनके जीवन में ढ़ेर सारी खुशियाँ, समृद्धि, संपत्ति और प्रगति आयेगी। इस अवसर पर सभी अपने मित्र, परिवार और रिश्तेदारों को बधाई संदेश और उपहार देते है।


Pls take these "Essay on Diwali" as a template and use this information to make your essay more meaningful. 


More Stuff about Diwali

{2019} Diwali Essay In English and Hindi {2019} Diwali Essay In English and Hindi Reviewed by aadmin on March 01, 2018 Rating: 5

No comments:

Powered by Blogger.