{2019} New Year Poems in English and Hindi

New Year Poems in English and Hindi: Happy New you year to you. If you are searching for new year poems then here I have the collection of few best New year poems in both languages English and  Hindi.



New Year Poems in English and Hindi


New Year Poems in English

New Year Poem By Ella Wheeler Wilcox

What can be said in New Year rhymes,
That’s not been said a thousand times?
The new years come, the old years go,
We know we dream, we dream we know.
We rise up laughing with the light,
We lie down weeping with the night.
We hug the world until it stings,
We curse it then and sigh for wings.
We live, we love, we woo, we wed,
We wreathe our prides, we sheet our dead.
We laugh, we weep, we hope, we fear,
And that’s the burden of a year.”

New Year Poem on Resolutions

My New Year Solutions, Not Resolutions
This year I want to be a monkey
Jumping from tree to tree
Next year I can be a donkey
Braying from sky to sea.
Every year I want to change
And experience something new
I wish I am something strange
Like the disappearing dew.
I want to feel the life of a lion king
Sitting inside its majestic skin
Turning into a peacock I will sing
And be a cuckoopea Siamese twin
Why can’t I be a bubble?
Blow away and disappear
Instead of getting into trouble
Making resolutions every year.


New Year Poems in Hindi


नया साल क्या लाएगा.. नया साल भी सताएगा
ख्वाब दिखायेगा, कदम बहकायेगा
ठोकरे देकर संभालना सिखाएगा
याद दिलाएगा, हमे रुलाएगा
वास्ते देकर फिर चुप कराएगा
आरज़ू जगायेगा, नींदें उड़ाएगा
दिलासे देकर फिर सुलाएगा
यादें महकाएगा, गीत लिखवाएगा
आंसू छलकाकर अकेला छोड़ जायेगा
उम्मीदे लाएगा, हसरतें जगायेगा
जीना सिखाएगा, यादें दे जायेगा
नया साल क्या लाएगा… नया साल भी गुजर जायेगा

New Year Poems in Hindi by Harivansharay Bacchan

नव वर्ष
हर्ष नव
जीवन उत्कर्ष नव
नव उमंग
नव तरंग
जीवन का नव प्रसंग
नवल चाह
नवल राह
जीवन का नव प्रवाह
गीत नवल
प्रीति नवल
जीवन की रीति नवल
जीवन की नीति नवल
जीवन की जीत नवल
– हरिवंश राय बच्चन


New Year Poems in Hindi to Welcome New Year

स्वागत है नव वर्ष तुम्हारा, अभिनंदन नववर्ष तुम्हारा
देकर नवल प्रभात विश्व को, हरो त्रस्त जगत का अंधियारा
हर मन को दो तुम नई आशा, बोलें लोग प्रेम की भाषा
समझें जीवन की सच्चाई, पाटें सब कटुता की खाई
जन-जन में सद्भाव जगे, औ घर-घर में फैले उजियारा।।
स्वागत है नववर्ष तुम्हारा
मिटे युद्ध की रीति पुरानी, उभरे नीति न्याय की वाणी
भय आतंक द्वेष की छाया का होवे संपूर्ण सफाया
बहे हवा समृद्धि दायिनी, जग में सबसे भाईचारा।।
स्वागत है नववर्ष तुम्हारा
करे न कोई कहीं मनमानी दुख आंखों में भरे न पानी
हर बस्ती सुख शांति भरी हो, मुरझाई आशा लता हरी हो
भूल सके जग सब पी़ड़ाएं दुख दर्दों क्लेशों का मारा।।
स्वागत है नववर्ष तुम्हारा
वातावरण नया बन जाए, हर दिन नई सौगातें लाए
सब उदास चेहरे मुस्काएं, नए विचार नए फूल खिलाएं
ममता की शीतल छाया में जिए सुखद जीवन जग सारा।।
स्वागत है नववर्ष तुम्हारा
– प्रो. सीबी श्री

New Year Poems in Hindi By DR. Roopchandra Shastri Mayank

बुलबुल गाये मधुर तराने, प्रेम-प्रीत का हो संसार।
नया साल मंगलमय होवे, महके-चहके घर परिवार।।
ऋतुओं में सुख की सुगन्ध हो,
काव्यशास्त्र से सजे छन्द हों,
ममता में समानता होवे, मिले सुता को सुत सा प्यार।
नया साल मंगल मय होवे, महके-चहके घर-परिवार।।
फूल खिलें हों गुलशन-गुलशन,
झूम-झूमकर बरसे सावन,
नदियों में कल-कल निनाद हो, मोर-मोरनी गायें मल्हार।
नया साल मंगल मय होवे, महके-चहके घर-परिवार।।
भेद-भाव का भूत न होवे,
कोई पूत कपूत न होवे,
हिन्दी की बिन्दी की गूँजे, दुनियाभर में जय-जयकार।
नया साल मंगल मय होवे, महके-चहके घर-परिवार।।


ए साल का शोर है, नई नहीं है बात।
महज नाम ही बदलते, कब बदले हालात॥
वही दिसंबर-जनवरी, वही फरवरी-मार्च।
नहीं फेंकती रोशनी, बिगड़ गई है टार्च॥
बड़ी-बड़ी है मछलियां, छोटे हैं तालाब।
चुटकीभर है जिन्दगी, मुट्टीभर हैं ख्वाब॥
खेतों में खटता रहा, होरी भूखे पेट।
भैयाजी होते रहे, निस-दिन ओवर वेट॥
हम धरती के पूत हैं, वे राजा के पूत।
वो रेशम की डोरियां, हम हैं कच्चे सूत॥
पैसा उनका ज्ञान है, पैसा उनका धर्म ।
लज्जित होते ही नहीं, करके काले कर्म॥
ऊंचाई का दंभ है, ऊंचाई से प्यार।
हाथी भी लगता उसे, चींटी जैसा यार।
महक रहे हैं आप तो, जैसे कोई फूल।
कीचड़ अपनी जिन्दगी, हम पांवों की धूल॥
खेती-बाड़ी, गाड़ियां, यहां-वहां दस प्लॉट।
पांच साल में हो गए, भैयाजी के ठाट॥
घरवाली भाती नहीं, परनारी की चाह।
बेघर तू हो जाएगा, घर की कर परवाह॥
मिटे नहीं हैं फासले, घटे नहीं हैं भेद।
चिंता बढ़ती जा रही, बढ़े नाव में छेद॥

New Year Poems in Hindi By Govind Sen

बीते साल की यादें कुछ ऐसी होती है..कुछ ख़्वाहिशें दिल में रह जाती है..
कुछ बिन मांगे मिल जाती है..
कुछ तो अधूरे रह जाते है..
कुछ नए साल के सफर में जुड़ जाते है..
कुछ मुझसे खफा खफा सा रहते है..
कुछ तो बहुत खुश है मुझसे..
कुछ मुझे याद करते है..
कुछ तो मुझे भूल गए है..
कुछ तो सायद अनजान है..
तो कुछ बहुत परेसान है..
किसी को मेरा इन्तेजार है..
किसी का मुझे इन्तेजार है..
उम्मीद करते है आने वाले साल में..
जो मुझसे जितना दूर है वो मुझसे उतना ही करीब है!

Sad New Year Poems in Hindi


साल निकल रहा है,
कुछ नया होता है..कुछ पुराना पीछे रह जाता है…
कुछ ख्वाईशैं दिल मैं रह जाती हैं..
कुछ बिन मांगे मिल जाती हैं .
कुछ छौड कर चले गये..
कुछ नये जुड़ेंगे इस सफर मैं ..
कुछ मुझसे खफा हैं..कुछ मुझसे बहुत खुश हैं..
कुछ मुझे भूल गये… कुछ मुझे याद करते हैं…
कुछ शायद अनजान हैं कुछ बहुत परेशान हैं..
कुछ को मेरा इंतजार हैं .. कुछ का मुझे इंतजार है..
कुछ सही है कुछ गलत भी है.
कोई गलती तो माफ कीजिये और
कुछ अच्छा लगे तो याद कीजिये!!


जिन्दगी का एक ओर वर्ष कम हो चला,
कुछ पुरानी यादें पीछे छोड़ चला..
कुछ ख्वाईशैं दिल मे रह जाती हैं..
कुछ बिन मांगे मिल जाती हैं ..
कुछ छोड़ कर चले गये..
कुछ नये जुड़ेंगे इस सफर मे ..
कुछ मुझसे बहुत खफा हैं..
कुछ मुझसे बहुत खुश हैं..
कुछ मुझे मिल के भूल गये..
कुछ मुझे आज भी याद करते हैं..
कुछ शायद अनजान हैं..
कुछ बहुत परेशान हैं..
कुछ को मेरा इंतजार हैं ..
कुछ का मुझे इंतजार है..
कुछ सही है
कुछ गलत भी है.
कोई गलती तो माफ कीजिये और
कुछ अच्छा लगे तो याद कीजिये।


बीते साल की यादें कुछ ऐसी होती है..कुछ ख़्वाहिशें दिल में रह जाती है..
कुछ बिन मांगे मिल जाती है..
कुछ तो अधूरे रह जाते है..
कुछ नए साल के सफर में जुड़ जाते है..
कुछ मुझसे खफा खफा सा रहते है..
कुछ तो बहुत खुश है मुझसे..
कुछ मुझे याद करते है..
कुछ तो मुझे भूल गए है..
कुछ तो सायद अनजान है..
तो कुछ बहुत परेसान है..
किसी को मेरा इन्तेजार है..
किसी का मुझे इन्तेजार है..
उम्मीद करते है आने वाले साल में..
जो मुझसे जितना दूर है वो मुझसे उतना ही करीब है!



सर्द रातों की एक हवा जागी
और बर्फ़ की चादर ओढ़
सुबह के दरवाज़े पर दस्तक दी उसने
उनींदी आँखों से सुबह की अंगड़ाई में भीगी ज़मीन से ज्यों फूटा
एक नया कोपल
नए जीवन और नई उमंग
नई खुशियों के संग
दफ़ना कर कई काली रातों को
झिलमिलाते किरनों में भीगता
नई आशाओं की छाँव में
नए सपनों का संसार बसाने
बर्फ़ीली रात की अंगड़ाई के साथ
बसंत के आने की उम्मीद लिए
आज सब पीछे छोड़
चला वो अपनाने नए आकाश को
नए सुबह की नई धूप में
नई आशाओं की नई किरन के संग
आज फिर आया है नया साल
पीछे छोड़ जाने को परछाइयाँ
– मानोशी चैटर्जी

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{2019} New Year Poems in English and Hindi {2019} New Year Poems in English and Hindi Reviewed by aadmin on March 17, 2018 Rating: 5

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